एक अधिवक्ता के झुझारूपन की कहानी उन्ही की जुब़ानी।
- vision5design

- Aug 5, 2022
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"मेरी अपनी आत्मकथा एक छोटी सी वास्तविक कहानी है, इसमें कुछ भी झूठ नही है।"
वर्ष 1996 में एस एम कालेज चन्दौसी से स्नातक करने के बाद के जी के कॉलेज मुरादाबाद से एलएलबी में प्रवेश लिया जोकि वर्ष 1997 में एमबीए में प्रवेश लिया एमजेपी रोहिलखण्ड यूनिवर्सिटी में जो कि 2 सेमेस्टर के बाद अधूरा ही छोड़ दिया और इसके बाद फिर 1999 में एलएलबी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया प्रथम वर्ष पा करने के बाद फिर एलएलबी छोड़ दी और नेटवर्किंग मार्केटिंग से जुड़ा ओर तीन चार साल बाद फिर से वर्ष 2003 में एलएलबी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया इस बार मैंने अपनी एलएलबी 2006 में पूरी कर ली थी और अपना पंजीकरण कराकर वकालत का मन बना लिया था लेकिन जूनियर वकील सीनियर की कृपा से अपना परिवार या जेब खर्च के लिए आश्रित रहता है। यह सोचकर 2007 में झांसी यूनिवर्सिटी में एलएलएम की प्रवेश परीक्षा पास कर चुका था लेकिन यूनिवर्सिटी ने पुनः प्रवेश परीक्षा करा दी थी इस बार वेटिंग में नम्बर आया फिर प्रयास किया और 2008 में एएमयू अलीगढ़ में एलएलएम में एडमिशन ले लिया यहाँ आर्थिक तंगी के कारण एलएलएम छोड़ दिया फिर दिल्ली के संस्थान आई एल आई में एलएलएम की प्रवेश परीक्षा पास की लेकिन 1 वेटिंग के कारण प्रवेश नही हो पाया थक हार कर वकालत मन बनाया और मुरादाबाद में सीनियर एडवोकेट श्री वीरेन्द्र शर्मा जी के साथ जूनियरशिप के लिए 2010 फरवरी गया कि तभी मेरे एक मित्र श्री प्रवीण गुप्ता ने बताया कि एलएलएम के लिए टीएमयू में एडमिशन ले लो सितम्बर 2010 में एडमिशन ले लिया और 2012 में 68 प्रतिशत से माह जुलाई में पास कर माह अगस्त 2012 में मुरादाबाद की एक यूनिवर्सिटी में अस्सिटेंट प्रोफेसर का जॉब मिल गया कि मई 2014 में यूनिवर्सिटी ने बिना किसी सूचना के हटा दिया इसका मुकदमा मुरादाबाद में चल रहा है।

अब क्या करूँ यह सोच मन परेशान रहने लगा की इसी दौरान एक महान शख्स श्री कौशल चौहान मुरादाबाद से मुलाकात हुई उन्होंने मुझे हर सम्भव मदद करते हुए वकालत करने के सुझाव दिया।
और निराश मन से दिसम्बर 2015 में मैंने अपनी वकालत शुरू की आज आपके सहयोग से मेरे पास बहुत अच्छा काम है सेसन की वकालत के साथ साथ उपभोक्ता फोरम में भी जनपद सम्भल में टॉप 3 में मेरा नाम आता है और आरटीआई में भी पहले नम्बर पर काम है।

आपकी दुआ से 8 जूनियर है आप सभी के विशवास व सहयोग के लिए आप सभी को शुक्रिया की आपने मुझ पर भरोसा किया आपके लिए निराश न होनेदूंगा यह वादा है मेरा आप सभी से।

एडवोकेट:
बी एल सागर
क्रिमिनल लॉ ज़िला एवं सत्र न्यायालय सम्भल। स्थान चन्दौसी
मोबाइल: 9634982690





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