चन्दौसी का कडाई वाला गर्मा-गर्म दूध
- vision5design

- Aug 3, 2022
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चन्दौसी में पहले एक नन्दन हलवाई हुआ करते थे जो कि अपनी मिठाई से ज्यादा बिक्री कडाई वाले गर्म दूध से किया करते थे।

पहले चन्दौसी की खान-पान की संस्कृति में दूध- दही व घी का शक्तिवर्धक व्यवहार था अब माॅडर्न समय में लोग पिज्जा, मोमो और चाऊमीन के ठेलों पर नज़र आते हैं।

इसी प्रकार स्टेशन पर स्थित कई दुकानें कडाई वाला गर्म दूध बेचा करते थे पर वर्तमान में हमें केवल अशोक जी की दुकान ही इस प्रकार से गर्म दूध की बिक्री करती नज़र आई। वह भी करोना काल के कारण काफी समय से बन्द थी पिछले हफ्ते से फिर से चालू हुई है।

इस गर्मागर्म दूध का स्वाद मलाई व कुल्हड में पीने से और भी बेहतर हो जाता है। कुल्हड स्वास्थ्य व पर्यावरण के हित में भी है।
हम अशोक जी के आभारी हैं कि इस बदलती दुनिया में आज भी वे इस कडाई वाले गर्मागर्म दूध की संस्कृति को चलाने का प्रयास कर रहे हैं।
हमें उनकी काठ की बनी बेंच और टेबल की बैठने की जगह में भी चन्दौसी के बीते समय को जिन्दा रखने की जिद नज़र आई।
ऐसे लोगों से ही चन्दौसी, चन्दौसी बनता है।





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एक उम्दा पोस्ट!