चन्दौसी रेलवे स्टेशन से जुड़ी यादें
- vision5design

- Nov 5, 2020
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चन्दौसी का चरित्र काफी कुछ इसके रेलवे स्टेशन से परिभाषित होता है। मुरादाबाद, बरेली और अलीगढ़ के बीच यह एक मुख्य जंक्शन है जो अंग्रेजों के समय से अपनी विशेष लोकेशन की वज़ह से महत्वपूर्ण स्टेशनों की गिनती मे रहा है साथ ही जोनल रेलवे ट्रेनिंग सेंटर यहाँ होने से रेलवे के रडार मे पूरे हिन्दी भाषी हिन्दुस्तान में जाना जाता है।

2020 ही शायद ऐसा वर्ष होगा जब यहाँ चौबीसों घण्टे चलने वाली गतिविधियाँ बन्द हुई हों। कोरोना यानि कोविड-19 की वज़ह से पिछले कई महीनों से सुनसान पड़ा है यह स्टेशन।

चन्दौसी मे रहने वाले लोगों की दिनचर्या मे शामिल है यहाँ का रेलवे-स्टेशन। सुबह-सुबह डेली पैसेंजर के अलावा मार्निग वाल्क पर निकले लोग यहाँ सुबह-सुबह की चाय पर गपशप करते दिख जायेगे। हमारे बचपन मे रेलवे ट्रेनिंग कालेज मे मार्निग वाल्क एलाउड थी पर अब समय बदल गया है पर रेलवे से जुड़े लोग शायद अभी भी इस हरे-भरे कैंपस मे सैर का आनन्द उठाना पसंद करते हैं।

चन्दौसी के रेलवे-स्टेशन पर बिकने वाले छोले भटूरे का अपना एक स्वाद है। हम तो कभी कभार इसी बहाने स्टेशन चले जाते थे और गर्म गर्म छोटे भटूरे खा आते थे।
घर मे लौकी या तुरई बनी हो तो यही वो जगह है जहां टाईम वे टाईम जब चले जाओ और सस्ते मे पेट भर आओ।
शाम को यहाँ वो नौजवान दिख जाते थे जो छुपके अण्डा खाने आते थे या वो लड़के जो चुपके चुपके सिगरेट भूकने आते थे।
खैर, सार यही है कि चन्दौसी के लोगों की जिन्दगी के कई पहलुओ से जुड़ा है यहाँ का रेलवे-स्टेशन।
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फोटो व वीडियो संयोजन:
अखिलेश कुमार सिंह
(MFA: Lucknow College of Art)





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